ये है मेरा कहानी संग्रह -कितनी हैं-. इस संग्रह है पच्चीस कहानियां हैं, जो मेरे शुरूआती नौसिखिया लेखन की निशानी हैं. इन पच्चीस कहानियों में आपको हर तरह की कहानी मिलेगी. जिसमें आप ख़ुश होएँगे. थोडा रोयेंगे. हसेंगे भी खूब. सोचने पर मजबूर भी हो जायेंगे. एकाध कहानी आपको किसी की याद भी दिला देगी.
और एक बात और. आपको इन कहानियों में कुछ कमी भी नजर आएगी. तो कृपया नाराज़ न होना. क्योंकि ये मेरी शुरूआती कहानी है. जिनमें अपरिपक्वता भरी हुई है. मैं चाहता तो इन्हें फिर से सम्पादित कर सकता था. लेकिन फिर इनमें वो भाव नहीं होता जो अब मौजूद है.
मुझे उम्मीद है आप इन सब गलतियों को भुलाकर कहानी की अंदरूनी तह को समझेंगे. आप के लिए ही तो लिखता हूँ. फिर आप नहीं पढेंगे तो कौन पढ़ेगा? शुक्रिया.
Kitni Haen
Publication Date: May 23, 2017
Publisher: Dharmendra Rajmangal
Pages: 84
Format: Kindle Edition
Author: Dharm