Mol Ki

Mol Ki

Publication Date: April 15, 2017

Format: Kindle Edition

Author: Dharm

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जैसा कि इस उपन्यास का नाम है मोल की। उससे आप अपने आप समझ गये होंगे कि इसमें जरूर किसी ऐसी बात का जिक्र होगा जो मोल खरीद कर लायी गयी होगी। लेकिन ये कोई वस्तु नही थी। ये तो जीती जागती इंसान थी। एक स्त्री।
साथ ही ये सिर्फ एक या दो नही बल्कि हजारों की संख्या में थी। जो ऐसे खरीदी बेची जातीं थीं जैसे ये कोई रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु हों। लेकिन उनका दिल क्या चाहता था ये कोई नही जानता था। माला अभी ठीक से जवान भी न हुई थी कि उसे बाप की उम्र के एक आदमी को बेच दिया गया।
उसे तो शादी से एक घण्टे पहले तक ये न पता था कि कुछ ही देर में वे घर से किसी और के साथ हमेशा हमेशा के लिये कहीं भेज दी जानी है। बस कोई आया और उसे लेकर चला गया। ऐसे ही होता था यहां। सारी लडकियों के साथ। उनमें से दो तीन का जिक्र इस उपन्यास में किया गया है।